Sunday, August 27, 2017

Prabhat Chitrakatha-Patharon Ki Nagri


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प्रभात कॉमिक्स - पत्थरों की नगरी
 प्रभात कॉमिक्स की एक और शानदार कॉमिक्स। प्रभात कॉमिक्स, नीलम कॉमिक्स , नूतन कॉमिक्स,गोयल कॉमिक्स और पवन कॉमिक्स इन सभी में अगर कुछ कमी थी तो वो सिर्फ ये थी की ये अपनी कॉमिक्स का ठीक से प्रचार नहीं करते थे। वरना इनके चित्र और कहानी किसी भी पब्लिकेशन से ख़राब नहीं थी। बस इन्होने अपनी कहानियों का ठीक से प्रचार नहीं किया। पर ऐसा भी नहीं है की इन्होने बेचने पर ध्यान नहीं दिया था। इनका तरीका सीधा ग्राहक तक पहुंचने का था। इनकी लाइब्रेरी योजना मनोज कॉमिक्स , तुलसी कॉमिक्स और राज कॉमिक्स से कही बेहतर थी पर कम प्रचार होने के करण नए ग्राहक इन्हे कम मिलते थे। कहानी के लिहाज़ से कॉमिक्स अच्छी है। कहानी का कई हिस्सा मनोज कॉमिक्स की कुछ कहानियों से मिलता है अब ये कहना मुश्किल है की इस कॉमिक्स को कॉपी किया गया था या ये कॉमिक्स उन कॉमिक्स से प्रभावित है।
 कहानी शुरू होती है रानी द्वारा दो पुत्रों को जन्म देकर मरने से। राजा अपने बच्चों के लिए दूसरा विवाह न करने का निश्चय लेता है। परन्तु वो एक नीच कुल के स्त्री पर मोहित होकर विवाह कर लेता है। इसके बाद दोनों राज कुमारों को मरवाने के लिए नयी रानी जाल बुनती है और सफल रहती है राजा दोनों राज कुमारों को मौत की सजा सुनाता है। इसके बाद है वो तो आप को कहानी पढ़ कर ही पता लग पायेगा।
पिछले कुछ दिनों से जो घटनाक्रम कॉमिक्स ब्लॉग को लेकर चल रहा है वो चिंताजनक है। जिन लोगो ने पुरानी कॉमिक्स बचाने के लिए रात-दिन एक कर दिया था वो ही सबसे बड़े खलनायक साबित कर दिए गए। जिनमे से एक मै भी हूँ। फिलहाल कुछ बाते साफ़ है की ब्लॉग पर कॉमिक्स अपलोड चलता रहेगा। जिन कॉमिक्स के लिंक डिलीट हो गए थे लगभग वो सभी कॉमिक्स दुबारा से अपलोड कर दी गयी है परन्तु अभी उन्हें ब्लॉग पर अपडेट नहीं कर पाया हूँ वो भी जल्द ही कर दूंगा। मनोज कॉमिक्स के सीरियल नंबर १ से ११०० तक सभी कॉमिक्स अपलोड हो गए है अगले महीने तक अगर संभव हुवा तो पूरी मनोज कॉमिक्स नेट पर अपलोड हो जाएगी। मै अभी दूसरा ब्लॉग अपडेट नहीं कर रहा हूँ परन्तु जल्द ही उससे प्राइवेट करके फिर से सारे लिंक अपडेट कर दूंगा। आप सभी से अनुरोध करूँगा की मै इस ब्लॉग पर एक पेज बना रहा हूँ उस पेज पर कमेंट बॉक्स में जा कर अपना नाम और मेल आई डी लिख दें जिससे जब मै ब्लॉग को प्राइवेट करूँ तो उन्हें रिक्वेस्ट भेज सकू। संभव है की मै उस ब्लॉग के मेंबर सिप के लिए कुछ चार्ज करूँ। जिससे ब्लॉग को नुकशान पहुंचाने वाले लोगो से ब्लॉग को बचाया जा सके।
 जिनको मनोज कॉमिक्स जल्दी से चाहिए वो मुझे एक पेन ड्राइव +१०० पोस्टल भेज कर सभी कॉमिक्स मंगवा सकते है या भी आप मेरे ब्लॉग के अपडेट होने तक इंतज़ार कर सकते है। आप मेरे घर आकर भी इन सभी कॉमिक्स की सॉफ्ट कॉपी प्राप्त कर सकते है।
बस आप सब से एक ही अनुरोध है की जो मिसिंग कॉमिक्स अपलोड कर रहा हूँ उनके लिंक फ्री में न मांगे क्योंकि वो सभी कॉमिक्स मै खुद पैसे दे कर स्कैन करवा रहा हूँ।
आज के लिए इतना ही फिर जल्द ही नहीं कॉमिक्स के साथ दुबारा मिलते है।

Sunday, July 30, 2017

Indrajaal Comics-107-Hatyara Banmanush


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इंद्रजाल कॉमिक्स-१०२-हत्यारा बनमानुष
 कॉमिक्स के बारे में ज्यादा बात तो नहीं कर पाउँगा पर और बातें जो मुझे लगता है जरुरी है उन बातों को मैं यहाँ जरूर रखूँगा।
 १- मै कॉमिक्स अपलोडिंग नहीं बंद करूँगा।
 २. मनोज कॉमिक्स सेट - वाइज अपलोड भी पूरा होगा।
 ३. मनोज कॉमिक्स जितनी भी अपलोडेड है वो सभी मेरे पास हार्ड-कॉपी में है। यदि आप सब मेरी मदद करते है तो मुझे स्कैन की हुयी कॉमिक्स दुबारा स्कैन नहीं करनी पड़ेगी।
 ४. आप सभी अपनी सुविधा अनुसार सारी मनोज कॉमिक्स और दूसरी कॉमिक्स जो आप ने मेरे ब्लॉग से डाउनलोड की है उसे किसी फ्री फाइल होस्टिंग साइट पर अपलोड करें और उनके फ्लोडर लिंक मुझसे मेल पर शेयर करें इससे मेरे पास एक ही कॉमिक्स के कई लिंक हो जायेंगे।
 ५. मनोज कॉमिक्स पर आधारित ब्लॉग अभी फिलहाल प्राइवेट रहेगा। पुराने लिंक तो लगभग सारे ख़राब हो चुके है पर उनके नए लिंक जल्द ही अपडेट कर दिए जायेंगे और जो मनोज की मिसिंग कॉमिक्स है उन्हें जल्द ही अपलोड कर दिया जायेगा।
 ६. उस ब्लॉग पर आप सभी आमंत्रित है बस एक शर्त के साथ आप मनोज कॉमिक्स के कोई भी बीस कॉमिक्स अपलोड करें और उसका लिंक मुझे भेज दें तो मै आप को उस ब्लॉग पर आमंत्रित कर लूंगा
 ७-कुछ मित्रों ने इस कठिन समय में मेरी बहुत मदद की है मेरे लिए कई कॉमिक्स अपलोड की है और आगे भी कर रहे है। उनका दिल से धन्यवाद। कुछ मित्र मुझे डीवीडी में राइट करके भेज रहे है उन्हें भी धन्यवाद। आप भी चाहे तो कुछ इसी तरह से मेरी मदद कर सकते है। जिससे मेरे पास इन डिजिटल कॉमिक्स का खजाना कई रूप में हो जायेगा।
 ८.मेरी कंप्यूटर की हार्ड डिस्क क्रैश हो गयी थी। वरना शायद मुझे आप सब के मदद की जरुरत न होती। आप सब का तहे दिल से धन्यवाद।
 ९.राज कॉमिक्स जो भी कर रहा है वो उनकी सोच है। बस मै इतना ही कहुँगा आप जहाँ तक संभव हो कॉमिक्स खरीद कर उनकी मदद करें। वो हिंदी कॉमिक्स की आखरी उम्मीद है।
१०.आप सब की मदद से ही ये कार्य शुरू किया था और जब तक आप का शहयोग होगा मै ये कार्य करता रहूँगा।

Friday, July 7, 2017

Manoj Comics-982-Uncle Charli Aur Narbhakshi Vango


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मनोज कॉमिक्स-९८२ - अंकल चार्ली और नरभक्षी वंगो
 मनोज कॉमिक्स की ये कुछ चुनिंदा कॉमिक्स में से है जो मुझे बिलकुल पसंद नहीं है। मुझे वो हीरो बिलकुल पसंद नहीं आता। जो कमजोर हो और बार-बार उसकी बेज्जती हो और वो मारा जाये। कॉमिक्स मैंने पढ़ा नहीं है। इसलिए कहानी के बारे में कुछ भी अंदाज़ा नहीं है। आप पढ़ कर देखे शायद आप को पसंद आये। सेट नंबर १५३ तक दूसरे ब्लॉग पर अपलोड कर दिया है आप जा कर वहां से डाउनलोड कर सकते है।
आज कल राज कॉमिक्स वाले बहुत कुछ करने का प्रयास कर रहे है और सच कहूं तो मैं दिल से चाहता हूँ कि वो इन सब में सफल हो। पर वो जिस तरह से हम सब अपलोडर तो अपशब्द कह रहे है वो दुख पहुंचाने वाला है। उनके अनुसार हम अपने ब्लॉग से लाखो रूपये महीने कमा रहे है। मै औरों का तो नहीं जनता पर मुझे अब तक इस ब्लॉग ने १ पैसे का भी फ़ायदा नहीं पहुंचाया है। ५ साल से तीन ब्लॉग रन करने के बाद भी ऐडसन ८० डॉलर दिखा रहा है और जब तक १०० डॉलर नहीं होते वो कोई पैसे नहीं देगा। और मै हर महीने सिर्फ नेट के ७०० रूपये दे देता हूँ। किसी को अगर मेरी बात पर भरोसा नहीं है तो मेरा मेल आई पासवर्ड लेकर देख सकता हैं। खैर मुझे ब्लॉग से पैसे कमाना न था न है न रहेगा। ऐड सिर्फ इसलिए डाल रखा है कि घर वालों को समझा सकू की इतना समय इन पर क्यों दे रहा हूँ। सच कहूं तो ये ब्लॉगर नहीं होते तो राज कॉमिक्स बंद हो गयी होती। इनकी अपलोड को देखकर ७० % कॉमिक्स प्रेमी दुबारा कॉमिक्स से जुड़े और कॉमिक्स की बिक्री बढ़ी। अगर मैंने नेट पर "मनोज कॉमिक्स मैडनेस" न ज्वाइन किया होता तो आज मेरे पास एक भी कॉमिक्स नहीं होती। मोहित राघव , अनुपम अग्रवाल के कारण ही मैंने कॉमिक्स को स्कैन करना शुरू किया। और जब मैंने स्कैनिंग शुरू की तो मेरे पास मनोज कॉमिक्स का ३०% कलेक्शन ही था। और ९९% कलेक्शन है। कितने ही उप्लोडेर के कारण ही जो कॉमिक्स मेरे कलेक्शन में नहीं था। उसे मै पढ़ सका। राज कॉमिक्स में ही योद्धा की आखरी ५ जर्नल कॉमिक्स नहीं है पर उनकी कहानी को मै किसी अप्लोडेर के कारण ही पढ़ पाया। आज उन सभी निस्वार्थ भाव से सेवा करने वालों को धूर्त और लालची कहा जा रहा है। अब जहाँ तक मनोज कॉमिक्स के अपलोडिंग का सवाल है वो तो पूरी मै अपलोड करूँगा ही चाहे कुछ भी हो जाए। मैंने संदीप गुप्ता जी से २०११ में बात की थी और उनको हमारे कॉमिक्स अपलोडिंग को लेकर कोई शिकायत नहीं थी। यहाँ तक जो कॉमिक्स कहीं नहीं मिलती उसे भी स्कैन करने में मदद करने का वादा किया था। अब राज कॉमिक्स के उनकी क्या बात हुयी है मै नहीं जनता। मुझे ये नहीं समझ आता ड्स DC और मार्वल जैसे बड़े पब्लिकेशन के सारी कॉमिक्स नेट पर अपलोड है फ्री में फिर भी उन्हें कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर राज कॉमिक्स को कुछ ज्यादा परेशानी नहीं है। ये तो बात करने का भी पैसा चाहते है। पैसा-पैसा करते-करते साल में १० कॉमिक्स प्रिंट नहीं कर पाते। मजेदार बात है कि मेरे पास नागराज और ध्रव की सभी कॉमिक्स लगभव जितने रेट में प्रिंट हुयी है उन सब में है। एक-एक टाइटल के ५-५ कॉमिक्स होगी। फिर भी कॉमिक्स बिना मतलब कॉमिक्स राज कॉमिक्स से खरीद लेता हूँ। रीप्रिंट भी ले लेता हूँ होने के बाद भी। वो मुझे से कहते है कि उनको हमारे कारण आर्थिक हानि होती है। सर्प्रथम मैंने राज कॉमिक्स न के बराबर अपलोड की है। मेरे कारण उन्हें कभी कोई नुकशान नहीं हुआ है। आगे भी नहीं होगा। राज कॉमिक्स को आर्थिक हानि से बचाने के लिए और आर्थिक लाभ पहुंचाने का कुछ उपाय कर सकता हूँ अगर वो चाहे तो।
 १. मै कोई मोबाइल ऐप नहीं बनाऊंगा
 २. यदि राज कॉमिक्स वाले विंडो कॉमिक्स ऑप बनाते है और उस पर जो भी कॉमिक्स रिलीज़ करते है तो वो कॉमिक्स मै अपने ब्लॉग से हटा लूंगा।
 ३.यदि राज कॉमिक्स वाले चाहे तो मेरे ब्लॉग के सरे लिंक को डाउनलोड करके उसे अपने राज कॉमिक्स साइट पर अपलोड करके लिंक मुझे दे दें और उसकी प्राइज मेरे अनुसार रख ले, मै उन लिंक से अपने लिंक को बदल दूंगा। और जो भी प्राइज उन्हें मिलता है वो खुद रखे। मुझे उससे कुछ नहीं चाहिए। केवल हवा में बात नहीं चाहिए। हमने इतनी मेहनत की है और हम अपने सरे लिंक हटा लें और आप १० कॉमिक्स ऐप पर अपलोड करके बैठ जाएँ। तो हमारा बचपन तो ख़त्म हो जायेगा। आप तो पैसे कमाने के लिए भाग रहे है फ़ायदा नहीं हुवा तो ये प्रोजेक्ट भी ख़त्म कर देंगे। आप कॉमिक्स अपलोड करते जाएँ मै अपने ब्लॉग से उन कॉमिक्स के लिंक हटाता जाऊंगा।
 ४. जो कॉमिक्स आप को कहीं से न मिले मुझ से संपर्क करें मै आप को वो कॉमिक्स स्कैन कर के दे दूंगा। पर पहले आप काम तो करें।
 फिलहाल मैंने अपना पक्ष रख दिया है। बाकी जो होगा देखा जायेगा।

Sunday, July 2, 2017

Nutan Comics-53- Mamaji aur Dracula


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नूतन कॉमिक्स - ५३- मामाजी और ड्रैकुला
 नूतन कॉमिक्स अपने समय की बेहतरीन कॉमिक्स में से एक थी। भूतनाथ, अमर अकबर ,मामाजी, छुटकी आदि कई प्रमुख किरदार थे। पर जैसे की मै पहले लिख चूका हूँ। कि उस समय जब मैंने कॉमिक्स पढ़ना शुरू किया तो नागराज , सुपर कमांडो ध्रुव , राम रहीम , महाबली शेरा , चाचा चौधरी आदि की कॉमिक्स की भरमार थी। इन कॉमिक्स का प्रचार तंत्र बहुत मज़बूत था। यही कारण था की नूतन कॉमिक्स के अच्छे कहानियों के बाद भी जो स्थान पाठकों के मध्य मिलना चाहिए था वो इन्हे नहीं मिला। यहाँ तक मैंने भी इनकी ३० कॉमिक्स से काम पढ़ी थी उस दौर में। जब मनोज कॉमिक्स बंद हुयी तो कही जा कर इन कॉमिक्स पर ध्यान गया। कहानी चाचा चौधरी की कहानियों की तरह दो व तीन पन्नो की कई कहानियां है और आप को गुदगुदाने में पूरी तरह सफल है। पढ़े और आनंद लें।

 आज से हमारा स्कूल खुल गया। पहले ही दिन मेरे लिए खुशखबरी ले कर आया। जैसा की हर स्कूल का नियम होता है की पहले साल के गर्मियों की छुट्टी के पैसे स्कूल नहीं देते है। अगले साल से छुट्टियों के पैसे भी मिलने लगते है। स्कूल में मेरा पहला साल था तो मुझे जून के पैसे नहीं मिलने थे। परन्तु मेरे स्कूल ने इस साल से ये निर्णय लिया है की अब वो सभी को छुट्टियों की पैसे मिलेंगे चाहे उसे एक दिन ही क्यों नहीं हुवा हो। मतलब मुझे जून के पैसे मिलेंगे। ये मेरे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। स्कूल और स्कूल मैनजमेंट को तहे दिल से धन्यवाद।

 फिर जल्द ही मिलते है नहीं कॉमिक्स के साथ।

Friday, June 23, 2017

Manoj Comics-954-Murdon Ka Bag


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मनोज कॉमिक्स-९५४-मुर्दों का बाग़
 मनोज कॉमिक्स की एक और बेहतर कॉमिक्स। ये कॉमिक्स भी अभी तक कही अपलोड नहीं हुयी है। आज इसे अपलोड कर रहा हूँ। कॉमिक्स कहानी के नज़र से भले ही बहुत अच्छी न हो पर कुछ नयापन जरूर है। चित्रों का सजीव होना इस कॉमिक्स की विशेषता है। कई चित्र ऐसे है की लगेगा की अभी जिन्दा हो जायेंगे। कहानी के सम्बाद के साथ जब आप चित्रों को देखेंगे तो आप वाह कह उठेंगे। ख़ास तौर पर एक चित्र जिसमे उसके सम्बाद "मैं कोई डायन नहीं हूँ" के चेहरे के भाव को देख कर दिल दहल जाता है। पढ़ कर देखे। ऐसे चित्रों की भरमार है इस कॉमिक्स में पर कहानी का मज़ा ख़राब न हो इसलिए ज्यादा लिख नहीं पाउँगा।
 कहानी सुरु होती यही एक बाग़ के दिवार टूटने से। उसके बाद जो उस बाग़ में जाता है अगले दिन उसकी लाश किसी पेड़ से लटकती मिलती है। कारण किसी को समझ में नहीं आता है तो गांव वाले उस बाग़ को पूरी तरह से बंद कर देते है। इसके बाद क्या होता है ये तो आप को कॉमिक्स पढ़ने के बाद ही पता चलेगा।
 जैसा की आप सभी जानते है की मेरा कॉमिक्स के प्रति लगाव है। जिसके के कारण मैंने कॉमिक्स स्कैन और अपलोड करना शुरू किया था। फिर ब्लॉग बनाया जिससे कॉमिक्स की अपलोडिंग को एक नया विस्तार मिले और ये हमेशा के लिए डिजिटल फॉर्मेट में सेव हो जाये।
आज की तारीख में मेरे पास मनोज कॉमिक्स लगभग पूरी है। राज कॉमिक्स भी लगभग पूरी है। पैसे की तंगी के कारण तुलसी कॉमिक्स बेचनी पड़ी नहीं तो वो भी काफी थी। राधा कॉमिक्स , पवन कॉमिक्स, नीलम , नूतन , प्रभात ,इंद्रजाल , चित्रभारती आदि। कुल मिला कर १५००० से ज्यादा कॉमिक्स। इंग्लिश कॉमिक्स और नावेल भी जोड़ दूँ तो पता नहीं और कितनी हो जाएँगी।
मेरा कॉमिक्स स्कैन और अपलोड करना लाइन ऑफ़ बिजनेस नहीं है मै टीचर हूँ और अपने परिवार का पेट पालने भर की कमा लेता हूँ। मैं ये भी अच्छे से जनता हूँ की मै इन कॉमिक्स को बहुत दिन तक संभाल कर नहीं रख पाउँगा इसलिए इन्हे स्कैन और अपलोड कर रहा हूँ और आगे भी करता रहूँगा। अगर किसी को ये लगता है कि ब्लॉग मेरी कमाई का जरिया है तो उसे अपने दिमाग का इलाज़ करवाना चाहिए। मनोज कॉमिक्स पूरी तरह अपलोड करना मेरा सपना है और ये जरूर पूरा होगा।
 फिर जल्द ही नयी कॉमिक्स के साथ दुबारा मिलते है।

Monday, June 19, 2017

Manoj Comics Visheshank-34-Trikaaldev Aur Matkkasheesh


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मनोज कॉमिक्स विशेषांक -३४ -त्रिकालदेव और मटकाशीश
  ये कॉमिक्स भी उन कॉमिक्स में से है जो कही अपलोड नहीं हुई है। वैसे तो मनोज कॉमिक्स के लगभग सभी विशेषांक अपलोड किए जा चुके है। जो कुछ बचे है ये उनमे से एक था। त्रिकालदेव का चरित्र ही-मैन से प्रभावित था जैसे की भोकाल है। पर एक बात तो माननी पड़ेगी की कहानी के लिहाज़ से ये भोकाल पर भारी था। मै अगर अपनी बात करूँ तो बस इतना कह सकता हूँ कि अगर भोकाल और त्रिकालदेव में से कोई एक कॉमिक्स पढ़नी हो तो त्रिकालदेव पढूंगा।
 कहानी के लिहाज़ से ये कॉमिक्स बेहतर है। विशेषांक को स्कैन करना हमेशा कठिन होता है। एक तो पेज ज्यादा होते है ऊपर से उनके पिन खोलने का मन नहीं करता। पर जैसे की मेरी आदत है कि कॉमिक्स ऐसी स्कैन होनी चाहिए कि फिर किसी को दुबारा स्कैन न करना पड़े।
 कहानी शुरू होती है पाताल के राजा मकड़ा मंकोट से जो शैतान की पूजा के लिए इंसान की बलि चढ़ाता है। अगर आप त्रिकालदेव की कॉमिक्स पढ़ रहे है तो आप ओनस और थिम्पू से जरूर परचित होंगे। "त्रिकालदेव और ओसका" में आपने उनके त्रिकालदेव से मिलने की घटना के बारे में पढ़ा होगा। पर वो कौन है और उनको अपना ग्रह क्यों छोड़ना पड़ा ये आप इस कहानी में जान पाएंगे। त्रिकालदेव अपने इन मित्रों की कैसे मदद करता है। ये ही इस कहानी का मूल आधार है।
 बहुत दिन हो गए मैंने अपने विचार यहाँ प्रकट नहीं किये। इसके कई कारण है। पर आज मै कुछ न कुछ जरूर लिखूंगा। पहले लिखने से पहले मै ध्यान देता था की लोगो को अच्छा लगेगा या नहीं लगेगा। अब सिर्फ ये ध्यान देता हूँ कि मुझे अच्छा लगेगा की नहीं लगेगा।
 आज कल देश मुख्यता दो विचारधारा में बटा है। या तो आप मोदी भक्त / देशभक्त /साम्प्रदायिक है या तो आप मोदी विरोधी/देशद्रोही/सेक्युलर है। इसका मुख्या कारण मुसलमानो का कॉग्रेस के समय में मिलने वाला विशेषाधिकार था जो अब नहीं मिल रहा है। आप भारत के नागरिक है। इस कारण जितना अधिकार आप का बनता सरकार चुनने का उतना ही हमारा भी है। अगर हमने अपनी पसंद की सरकार चुन ली है तो उसका आदर करें। इन सबसे ज्यादा कुत्तें तो नेता है। मुसलमान वोट एकजुट है तो उसको पाने के लिए हिन्दुओ को मारने को भी तैयार हो जाते है। इन वोट के लिए भारत मुर्दाबाद भी चलेगा, कश्मीर की आज़ादी भी चलेगा। सेना की बुराई भी चलेगी। इन सब के लिए मुशलमान दोसी है। जो देश विरोधी बात करता है आप उसको वोट देते हो तो आप ही दोसी होंगे। पर अब लोग सेक्युलर होने का मतलब समझने लगे है। यदि आप ने इन सब का साथ न छोड़ा तो फिर हम जैसे हिन्दू आप का साथ छोड़ देंगे। फिर ऐसी सरकार बनेगी जो शिवसेना व बजरंगदल की होगी जो आप को देश में जीने नहीं देगी। मुख्यधारा में लौटे। पुलिस में जाएँ। सेना में जाएँ और जो सरकार देश की जनता ने बनायीं है उसका आदर करें। सिर्फ बुराई करने से बचे। अगर गलत को गलत कहे तो सही को सही भी कहें।
 ये सभी मेरे अपने विचार है और मेरे अपने ब्लॉग पर है। अगर आप असहमत है तो शालीनता से अपनी बात रखे। आज के लिए इतना ही। जल्द ही मिलता हूँ नयी कॉमिक्स के साथ

Manoj Comics-944-Viraan


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मनोज कॉमिक्स -९४४-वीरान 
ये कॉमिक्स भी उन कॉमिक्स में से है जो कही अपलोड नहीं हुई है। वैसे तो कॉमिक्स मैंने अपने सेट - वाइज अपलोड में तो अपलोड कर दिया है। पर इसकी बड़ी फाइल यहाँ अपलोड कर रहा हूँ जिससे जो हाई क्वालिटी में कॉमिक्स पढ़ना चाहते है उन्हें भी डाउनलोड करने को मिल जाये। कहानी इसकी ठीक-ठाक ही है। जैसा मैंने नाम से अंदाज़ा लगाया था की ये वीराना फिल्म की तरह किसी डरावनी जगह पर आधारित कॉमिक्स होगी। पर ये कॉमिक्स एक बच्चे के नाम पर आधारित है।
कहानी में कुछ भी नहीं है। कहानी शुरू होती है वीरान नाम लेते हुए एक भूत द्वारा क़त्ल से। एक के बाद एक क़त्ल से। भूत वाली कहानियों में यही होता है। क़त्ल की वजह भी बहुत ही साधारण है। कुछ भी नया नहीं लगा मुझे। आप इसे पढ़कर कर देखे शायद आप को ये कॉमिक्स अच्छी लग जाये।

Saturday, June 3, 2017

Manoj Comics-924-Mai Maut Laya Hun


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मनोज कॉमिक्स-९२४-मैं मौत लाया हूँ
 मनोज कॉमिक्स में एक और हॉरर कॉमिक्स। कुछ ऐसा रहा है मेरे साथ एक हॉरर कॉमिक्स ही अपलोड करना मेरे हिस्से में आ रहा है। जैसा की आप सभी जानते है की मनोज कॉमिक्स को सेट वाइज ऑरेंज कर रहा हूँ। उन कॉमिक्स को बहुतों ने स्कैन किया है जिनमे से मै भी हूँ पर वो सभी कॉमिक्स स्कैन और अपलोड बिखरी हुयी है। जिन्हे पहले मोहित भाई ने अर्रेंज करने की कोशिश की थी अब मै कर रहा हूँ। अब जो कॉमिक्स कही भी उप्लोडेड नहीं है उन्हें स्कैन और अपलोड करके सेट पूरा कर रहा हूँ।
ये कॉमिक्स भी मेरी जानकारी में अभी तक कही भी उप्लोडेड नहीं है। प्रया ऐसा देखा गया है की सुपर हीरो की कॉमिक्स को सबने पहले अपलोड किया परन्तु अन्य कॉमिक्स को किसी ने उपलोड नहीं किया है। यही कारण है की ज्यादातर हॉरर कॉमिक्स अपलोड नहीं है जिन्हे मुझे अपलोड करना पड़ रहा है।
ये कॉमिक्स भावना से ओतप्रोत है। एक बिगड़ा नाती अपने नाना के लिए गलत धंधे छोड़ देता है। पर जैसा की हम सब को पता है की अपराध के रस्ते पर जाना तो आसान है निकलना बहुत कठिन। इस का क्या परिणाम निकलता है ये तो आप कहानी पढ़ कर ही जान पाएंगे। कहानी अच्छी है और चित्र भी बहुत बेहतर बने है। एक पढ़ने लायक चित्रकथा।
 फिर जल्द ही मिलते है एक नयी चित्रकथा के साथ। .......